Friday, January 20

Day: December 23, 2016

जनवरी में बड़ी मछलियों का शिकार करेगी मोदी सरकार

जनवरी में बड़ी मछलियों का शिकार करेगी मोदी सरकार

समाचार
NEW DELHI: काले धन के खिलाफ अभियान में छोटी मछलियों के बाद बारी अब बड़ी मछलियों की है। नोटबंदी के फैसले के बाद महज छोटी मछलियों के ही कार्रवाई की गिरफ्त में आने की बन रही धारणा से सतर्क मोदी सरकार इसे पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले हर हाल में धो द इस धारणा को ध्वस्त करने के लिए सरकार नए साल के जनवरी महीने में अघोषित संपत्ति मामले में सघन अभियान चला कर बड़ी मछलियों को निशाना बनाएगी। इस संबंध में सरकार ने कार्रवाई की रूप रेखा तैयार कर ली है। अभियान पूरे महीने चलेगा। इस दौरान सरकार की निगाह काली कमाई करने वाली बड़ी हस्तियों पर होगी। गौरतलब है कि काले धन के खिलाफ अभियान के नाम पर लिए गए नोटबंदी के फैसले के करीब डेढ़ महीने बाद भी किसी बड़ी हस्ती तक जांच या छापे की कार्रवाई की आंच नहीं पहुंची है। सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी नोटबंदी के फैसले के प्रतिकूल
धमाकेदार ऑफरः आपके पास जिओ का सिम है तो मिलेंगें 15000 रुपये के बैनिफिट्स

धमाकेदार ऑफरः आपके पास जिओ का सिम है तो मिलेंगें 15000 रुपये के बैनिफिट्स

अजब-गजब
नई दिल्ली (23 दिसंबर): रिलायंस जियो एक बार फिर अपने यूजर्स के लिए एक शानदार ऑफर ले कर आया है। जिसे सिर्फ जियो यूजर्स ही लाभ ले सकते है। अगर आपके पास भी है जियो का सिम है तो आपके पास भी मौका है 15000 रुपए की कीमत का प्रोडक्ट्स जीतने का, एप्स ले सकते हैं 15,000 के प्रोडक्ट का लाभ। – जिओ मनीः इस एप से जिओ सिम यूजर्स मोबाइल और डीटीएच का रिचार्ज करने समेत हर प्रकार के पेमेंट कर सकते है। इस एप के जरिए आप अपने इंश्योरेंस और प्रीमियम का भी पेमेंट कर सकते हैं। नोटबंदी के समय में यह एप बहुत यूजफुल है। – जिओ चैट एपरिलायंसः जिओ सिम के साथ जिओ चैट बिल्कुल फ्री है। इसके आप प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। यह व्हाट्सएप और फेसबुक मैसेंजर के जैसी एप है। इसमें आप मैसेजिंग, हाई क्वालिटी वॉयस कॉल, वीडियो कॉल करने समेत स्टीकर्स, डूडल और इमोक्शन सेंड कर सकते हैं। – जिओ एक्सप्रेस न्यूजः इस एप पर न
गरीबों के खाते में 10-10 हजार जमा करवायेगी मोदी सरकार, शुरुआत यूपी से!

गरीबों के खाते में 10-10 हजार जमा करवायेगी मोदी सरकार, शुरुआत यूपी से!

समाचार
नई दिल्ली (23 दिसंबर): नोटबंदी के बाद केन्द्र सरकार जन धन खातों में 10,000 रुपए डलवाने पर विचार कर रही है। ख़बरों की माने तो केन्द्र सरकार की जीरो बैलेंस वाले खातों में प्राथमिकता के आधार पर पैसा जमा कराने की योजना है। इस पर यूपी, पंजाब और गोवा के चुनाव से पहले ही अमल होने की संभावना है। ताकि केन्द्र सरकार 15 लाख रुपये जमा करने वाले जुमले और नोटबंदी से संभावित नुकसान से बच सके। सरकार इस पर अमल करती है तो उस पर 58,000 करोड़ रुपये का भार बढ़ेगा। जानकारों का मानना है कि आरबीआई के खाते में 3 लाख करोड़ रुपयों की बारिश कराने के बाद केन्द्र सरकार कुछ राज्यों में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले गरीब लोगों और किसानों के बीच सरकार यह संदेश देना चाहती है नोटबंदी से उनका नुकसान होने के बदले लाभ होगा –

माँ की ममता का कोई अंत नहीं चाहे इंसान हो या जानवर, देखिए भावुक कर देने वाला वीडियो

ट्रेडिंग
माँ की ममता का कोई अंत नहीं। उसका प्यार सागर से भी ज्यादा गहरा और आकाश से भी ऊँचा होता है। ये सिर्फ कहने की बातें नहीं है। माँ के प्यार की सबसे बड़ी खासियत ये है कि वो प्यार के बदले में कुछ नहीं चाहती। उसका प्यार निःस्वार्थ होता है। माँ की ममता की सबसे खूबसूरत बात है कि ये सिर्फ इंसानों में नहीं बल्कि जानवरों में उसी तरह देखने को मिलती है। कुछ ऐसा ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें एक कुतिया की ममता देखकर आपकी आँखें नम हो जाएंगी।

ये हैं सबसे यंग CEO, सालाना कमाते हैं 120 करोड़

अजब-गजब
जिस उम्र में बच्चे खेलते हैं, उस उम्र में 14 साल के श्रवण और 12 साल के संजय ने कुछ ऐसा कर दिखाया जिसका लोहा पूरी दुनिया मानती है। यह दोनों भारत के सबसे कम उम्र के एंटरप्रेन्योर हैं और इनकी सालाना कमाई 120 करोड़ रुपये है। फेसबुक के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग तक श्रवण और संजय का लोहा मान चुके हैं। इन दोनों ने मिलकर साल 2012 में ‘डिजाइन डाइमेंशन्स’ ऐप लॉन्च किया था और यह अब तक 11 ऐप डेवलप कर चुके हैं। इनकी ऐप एप्पल आईट्यून्स और गूगल प्ले स्टोर दोनों पर मौजूद हैं। चेन्नई के रहने वाले इन दोनों भाइयों की कंपनी ‘गो डिजाइन’ की सालाना कमाई 120 करोड रुपए हैं। दोनों भाइयों ने पहली मोबाइल ऐप जब बनाई तब वह सातवीं क्लास और आठवीं क्लास के स्टूडेंट थे। श्रवण कंपनी के प्रेसिडेंट, जबकि संजय सीईओ हैं। अपनी टैलेंट के चलते दोनों भाई आईआईएम-बेंगलुरु और टेडेक्ट कॉन्फ्रेंस में प्रजेंटेशन दे चुके हैं। दोनों क

बड़ी खबर: रद्द होंगी सारी चेक बुक,फिर लगना होगा बैंक की लाइन में

समाचार
NEW DELHI: पुराने 500 के नोट को बदलने के बाद केंद्र सरकार अब चेकबुक में भी बड़ा बदलाव करने जा रही हैं। कहा जा रहा है कि नोटबंदी के बाद कालेधन पर पूरी तरह से नकेल कसने को प्रतिबद्ध केंद्र सरकार नहीं चाहती है कि किसी भी तरीके से फिर से देश में ब्लैक मनी जमा हो पाए। साथ ही देश में लेनदेन में इस्तमाल होने वाले हर पैसे की जानकारी हो। इसलिए सरकार सभी खाताधारकों के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले चेकबुक को भी आधार कार्ड से जोड़ने जा रही हैं। आपको यह बता दें कि अब बैंकों से जितने भी चेकबुक खाताधारकों को जारी किए जाएंगे। उन सभी पर संबंधित खाताधारक का आधार नंबर लिखा होगा। इस मामले में कुछ अधिकारियों का ऐसा मनना हैं कि आधार नंबर लिखी चेकबुक जारी हो जाने के बाद सरकार को बड़ा फायदा होगा। उनके मुताबिक आधार नंंबर की मदद से लेन-देन करने वाले शख्स की जानकारी बैंक और आयकर विभाग के पास पहुँच जाएगी।

तो क्या बंद हो जाएंगे 2 हजार के नए नॉट , आया बड़ा एलान

समाचार
EW DELHI: दो हजार के नए नोट को सरकार बहुत जल्दी खत्म कर देगी। ये कहना है नोटबंदी के मास्टरमाइंड माने जाने वाले अनिल बोकिल का। अनिल ने एक बिजनेस कॉलेज में अपनी स्पीच में यह बात कही। बता दें कि इससे पहले संघ से जुड़े इकोनॉमिस्ट एस गुरुमूर्ति भी कह चुके हैं कि पांच साल में 2000 रुपए का नोट बंद हो जाएगा। बोकिल के मुताबिक 500 और एक हजार के नोट भारत में कुल कैश का 86 फीसदी थे। ऐसे में इन्हें एक बार में खत्म करने से परेशानी काफी बढ़ जाती। दो हजार के नए नोट को लाने का मकसद इसी परेशानी को कम करना था। गुरुमूर्ति ने कहा था कि “रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन के बदलने के दो महीने बाद नोटबंदी की प्लानिंग बनी थी।”  “सीक्रेसी रखते हुए बहुत कम वक्त में इसे लागू किया गया। ऐसे में कुछ कमियां स्वाभाविक हैं। “इतने कम समय में 500 और 1000 रुपए के नोट छापना मुश्किल था। लेकिन 2000 का नोट तो चलन से बाह

लाखों रुपए के विदेशी पैकेज को ठुकराकर ज्वॉइन की इंडियन आर्मी लेकिन अब मिला बड़ा झटका

अजब-गजब
आजकल के युवाओं के लिए सूर्य दहिया जैसे लोग एक बड़ी प्रेरणा बनकर उभर रहे हैं। सूर्य दहिया को एमबीए करने के बाद जापान की एक कंपनी में अच्छे पैकेज पर विदेशी नौकरी मिल रही थी। उन्होंने विदेशी नौकरी ठुकरा दी और इंडियन आर्मी ज्वॉइन करने का फैसला किया। अब वो स्पेशल कमीशंड ऑफिसर के तौर पर भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनका फैसला सबक है उन युवाओं के लिए जो पैसे की खातिर अपना देश छोड़कर विदेशों की ओर रुख कर रहे हैं। वो मिसाल हैं उन युवाओं के लिए भी जो मानते हैं कि इंडियन आर्मी में जीनियस माइंड नहीं पहुँच पाता। पिता और दादा भी भारतीय सेना में थे सूर्य के पिता नरेश दहिया और दादा नफे सिंह भारतीय नौसेना में थे। उन्होंने 2-2 लड़ाइयों में हिस्सा लिया। उन्ही के नक्शे-कदम पर चलते हुए सूर्य ने भी भारतीय सेना ज्वॉइन की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सूर्य के पिता ने बताया कि एमबीए करने के बाद उसे
जो काम पाकिस्तान 21 साल तक नहीं कर सका उसे भारत ने चुटकी में कर दिखाया…

जो काम पाकिस्तान 21 साल तक नहीं कर सका उसे भारत ने चुटकी में कर दिखाया…

इतिहास
1971 में हुए भारत-पाक युद्ध के में भारत की जीत के बाद भारत ने पाकिस्तान के कुछ इलाके में औपचारिक रूप से कब्ज़ा कर लिया था. ये युद्ध  3 दिसंबर से 16 दिसंबर तक चली थी.आपको बता दें कि भारत-पाक युद्ध में हमारी जीत का औपचारिक ऐलान आज के ही दिन हुआ था. Source इस युद्ध के आखिरी रात पाकिस्तान के 2 गांवों के लोगों की कहानी किसी सपने से कम नहीं है. जरा सोचिये कैसा लगा होगा जब युद्ध के दौरान लोग सोए तो पाकिस्तान में थे लेकिन अगली सुबह चारपाई से उठे तो भारत में थें. ये कहानी  28 हजार फीट ऊंचाई पर दुनिया के दूसरे सबसे ऊंचे पहाड़ कराकोरम के करीब बसे एक दो गाँव की हैं. 1971 युद्ध में इंडियन आर्मी ने रातों-रात पाकिस्तान के इन गांवों पर कब्जा कर लिया था. दैनिक भारत के खबर के अनुसार  जब  सुबह-सुबह भारतीय सेना के जवान लोगों को चाय देने आए तब उन्हें  पता चला कि वो पाकिस्तान से भारत में आ गए हैं. &

नए सेना प्रमुख के कारनामों को जानने के बाद नियुक्ति पर सवाल उठाने वालों का मुंह बंद हो जाएगा…

ट्रेडिंग
लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत को थल सेना का प्रमुख नियुक्त किया गया है. मालुम हो कि ले. जनरल विपिन रावत जल्द ही जनरल दलबीर सिंह सुहाग का जगह लेते हुए भारतीय थल सेना की कमान संभालेंगे. ख़बरों के मुताबिक उन्हें सीनियर आर्मी कमांडर ले. जनरल प्रवीण बख्शी को नजर अंदाज करते हुए यह अहम जिम्मेदारी दी गई है. Sourceकैसे होता है सेना प्रमुख के चयन? नियम के मुताबिक लेफ्टिनेंट जनरल को (कमीशंड सेवा में 36 साल तक रहने के बाद) चुना जाता है आगे चल कर वह वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ या आर्मी कमांडर्स का पद भी संभाल सकते है. इसके बाद लेफ्टिनेंट जनरल प्रमोट हो कर जनरल बनते हैं और उन्हें ही सेना प्रमुख चुना जाता है. आमतौर पर सेना प्रमुख का चयन सीनियरिटी के आधार पर किया जाता है. लेकिन भारत के इतिहास में ऐसा कई बार हो चूका है जब सीनियर को दरकिनार कर क़ाबलियत के आधार पर जूनियर्स को ये कमान संभालने का मौका दिया गय