Friday, January 20

सावधान : पेट्रोल पंप पर कल से नहीं नही मिलेगा आपको ऐसे पैट्रोल-डीजल……..

बेंगलुरु. देशभर के पेट्रोल पंपों पर कल से डेबिट और क्रेडिट कार्ड से पेमेंट नहीं की जा सकेगी। बता दें कि सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कार्ड से खरीद पर 0.75% डिस्काउंट का एलान किया था। पेट्रोल पंप एसोसिएशन के मुताबिक एचडीएफसी बैंक समेत कुछ बैंकों ने 9 जनवरी से क्रेडिट/डेबिट कार्ड से होने वाले सभी लेनदेन पर 1% तक एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) फीस वसूलने की सूचना दी। इस फैसले के विरोध में पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने ये फैसला लिया। एसोसिएशन ने ये भी साफ किया कि जो बैंक एमडीआर नहीं वसूलेंगे, उनके कार्ड पेट्रोलपंप पर चलेंगे। क्रेडिट कार्ड से भुगतान पर बैंक पेट्रोल पंपों से 1% शुल्क वसूलेंगे, जबकि डेबिट कार्ड से भुगतान 0.25 से 1% तक शुल्क वसूलेंगे। एआईपीडीए ने कहा- डीलर्स को होगा घाटा…

– ऑल इंडिया पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन (एआईपीडीए) के प्रेसिडेट अजय बंसल ने रविवार को कहा, “पंपों के मार्जिन की गणना के लिए हम लोगों की एक विशेष प्रणाली है। इनमें बैंकों कों एमडीआर देने की कोई गुंजाइश नहीं है। इससे आगे चलकर डीलरों को घाटा होगा।”
– “9 जनवरी से देश की सभी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों 53,840 रिटेल आउटलेट्स पर क्रेडिट और डेबिट कार्ड के जरिए पेमेंट स्‍वीकार नहीं किए जाएंगे।”
– बता दें कि कैशलेस ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए नोटबंदी के बाद सरकार ने कस्टमर्स को पेट्रोल-डीजल की खरीद पर एमडीआर से छूट दी थी। लेकिन, नोटबंदी के 50 दिनों के बाद बैंकों ने एमडीआर का भार पेट्रोल पंप मालिकों पर डाल दिया।
एसोसिएशन ने दी ये दलील
-पेट्रोल पंपों का कुल मार्जिन 2.5 फीसदी है, जो प्र्रति एक हजार लीटर के आधार पर निर्धारित होता है।
-इसमें स्‍ाफ की लागत व अन्य मैंटेनेंस की लागत भी खुद उठानी पड़ती है।
-इतने कम मार्जिन में बैंक को शुल्‍क देना रिटेल आउटलेट्स के लिए संभव नहीं है।
-दूसरे कारोबारियों की तरह पेट्रोलियम डीलर उत्पादों ादों की कीमत भी नहीं बढ़ा सकते हैं।
-ऐसी स्‍थिति में डीलर्स अपने मार्जिन का एक फीसदी हिस्‍सा बैंकों को नहीं दे सकते हैं।

क्‍या है एमडीआर
मर्चेंट डिस्काउंट रेट एक ऐसा शुल्क है जो बैंकों द्वारा कार्ड पेमेंट स्‍वीकार करने लिए आवश्‍यक इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर उपलब्‍ध कराने के बदले वसूला जाता है।

बैंकों का फैसला एकतरफा
– तमिलनाडु पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट ने केपी मुरली ने कहा, “हमें बैंकों से अचानक यह शुल्क वसूलने के बारे में जानकारी मिली है। यह शुल्क वसूलकर बैंक पहले हुए एग्रीमेंट को मानने से इनकार कर रहे हैं। उनका यह फैसला ‘एकतरफा’ है।”

मामला सुलझने की उम्मीद
– इंडियन ऑयल के ईडी सुबोध ने कहा, “हम डीलर्स एसोसिएशन से बात कर रहे हैं। हमने उनसे यह फैसला टालने की अपील की है। उम्मीद है सोमवार सुबह तक मामला सुलझ जाएगा। बैंकों से भी सकारात्मक बातचीत की अपील की गई है। उधर, पेट्रोलियम मंत्रालय में भी विचार-विमर्श किया जा रहा है।”

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