Friday, January 20

इस दरगाह के पीछे की कहानी सुनने के बाद हर हिन्दू का खून खौल उठेगा कोई भी हिन्दू वहां नहीं जायेगा…

भारत देश एक पूण्यभूमि हैं, यहाँ ऐसे कई तीर्थ स्थान है जहा हर धर्म के लोग आस्था के साथ जाते है ऐसा ही एक तीर्थ स्थान है अजमेर शरीफ़ दरगाह, जिसे अजमेर दरगाह भी कहा जाता हैl लोगो की मान्यता है कि इस दरगाह में आप जो भी मन्नत मागते हो वो पूरी हो जाती हैl यह दरगाह ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती का दरगाह हैl

लेकिन आज हम आपको एक ऐसी सच्चाई के बारे में बताने जा रहे है जो अभी तक आप ने नहीं सुन्नी होगी, ये सच्चाई है अजमेर शरीफ के दरगाह की जहाँ हिन्दू लोग अपना माथा फोड़ते है वो भी ऐसे इंसान की कब्र पर जिस को इंसान कहना भी शायद गलत होगाl

जी हाँ ऐसा हम खुद नहीं बोल रहे बल्कि न्यूयार्क के एक प्रसिद्ध उर्दू अखबार “पाक एक्सप्रेस” में 14 मई 2012 को छपी एक पोस्ट में साबित हुआ हैl

इस अखबार में अजमेर शरीफ की दरगाह की वो असलियत उजागर की है जिसे जिसने भी सुना वो दुंग रह गयाl

ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह की असल सच्चाई

पाक एक्सप्रेस अखबार में लिखा था कि अजमेर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर इतनी भीड़ थी कि वहाँ की कोई बैंच खाली नहीं थीl एक बैंच पर एक परिवार, जो पहनावे से हिन्दू लग रहा था, उसके साथ बुर्के में एक अधेड़ सुसभ्य महिला बैठी थीl

बहुत देर चुपचाप बैठने के बाद बुर्खे में बैठी महिला ने बगल में बैठे युवक से पूछा कि क्या आप अजमेर के रहने वाले हैँ या फिर यहाँ घूमने आये हैं…? युवक ने बताया, “जी अपने माता पिता के साथ पुष्कर में ब्रह्मा जी के मंदिर के दर्शन करने आया थाl”

महिला ने बुरा मुँह बनाते हुए फिर पूछा, “आप लोग अजमेर शरीफ की दरगाह पर नहीं गये?”
युवक ने उस महिला से प्रतिउत्तर कर दिया, “क्या आप ब्रह्मा जी के मंदिर गयी थीं?”
महिला अपने मुँह को और बुरा बनाते हुए बोली, “लाहौल विला कुव्वत, इस्लाम में बुतपरस्ती हराम है और आप पूछ रहे हैं कि ब्रह्मा के मंदिर में गयी थीl”

महिला कि बात सुनने के बाद वो हिन्दू युवक झल्लाकर बोल पड़ा कि जब आप ब्रह्मा जी के मंदिर में जाना हराम मानती हैं तो हम क्यों अजमेर शरीफ की दरगाह पर जाकर अपना माथा फोड़ेंl
महिला युवक की माँ से शिकायती लहजे में बोली, “देखिये बहन जीl आपका लड़का तो बड़ा बदतमीज हैl ऐसी मजहबी कट्टरता की वजह से ही तो हमारी कौमी एकता में फूट पड़ती हैl”

मुस्लिम महिला के इलज़ाम सुन कर हिन्दू युवक की माँ मुस्काते हुए बोली, “ठीक कहा बहन जीl कौमी एकता का ठेका तो हम हिन्दुओं ने ही ले रखा हैl अगर हर हिँदू माँ-बाप अपने बच्चों को बताए कि अजमेर दरगाह वाले ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती ने किस तरह इस्लाम कबूल ना करने पर पृथ्वीराज चौहान की पत्नी संयोगिता को मुस्लिम सैनिकों के बीच बलात्कार करने के लिए निर्वस्त्र करके फेँक दिया थाl

महिला इतने पर भी नहीं रुकी हिन्दू महिला ने कहा कि पत्नी संयोगिता को मुस्लिम सैनिको के बिच फैकने के बाद फिर किस तरह पृथ्वीराज चौहान की वीर पुत्रियों ने आत्मघाती बनकर मोइनुद्दीन चिश्ती को 72 हूरों के पास भेजा था तो, शायद ही कोई हिँदू उस मुल्ले की कब्र पर माथा पटकने जाएl इतना ही नहीं पृथ्वीराज चौहान ने गोरी को 17 बार युद्ध में हराने के बाद भी इंसानियत दिखाते हुए उसे छोड़ दिया थाl

जबकि सिर्फ एक बार चौहान के युद्ध हारने के बाद उसने चौहान की आँख फोड़ के बहुत बेरहमी से मार डाला थाl साथ ही उसने हैवानियत की सारी हदे पार करते हुए वो चौहान के शव को घसीटते हुए अफ़ग़ानिस्तान ले गया और वहा उसे दफ़्न कियाl आज भी चौहान के क़ब्र पर जो भी मुसलमान वहॉ जाता है प्रचलन के अनुसार उनके क़ब्र को वहॉ पे रखे जूते से मारता हैl

ऐसी बर्बरता कहीं नहीं देखी होगीl फिर भी कई हिन्दू है कि सेक्युलर के ठेकेदार बने फिर रहे है और शायद इसी के चलते अजमेर के ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती को 70 लाख हिंदुओं को इस्लाम में लाने का गौरव प्राप्त हैl

इतिहास के पन्ने पलते तो ये बात भी सामने आती है कि वो मोइनुद्दीन चिश्ती ही था जिसने मोहम्मद गोरी को भारत लूटने के लिए उकसाया और आमंत्रित किया थाl

तो वाकई ये खुद ही बहुत शर्मसार है कि जहाँ एक तरफ मुसलमान हिन्दुओं के वीर राजपूत योद्धा की कब्र पर जाकर बर्बरता दिखाते हुए उसे जूतों से अपमानित करते हैं तो वहीँ दूसरी तरफ हिन्दू उसी योद्धा को मरवाने वाले की कब्र पर जाकर आस्था के नाम पर अपना सर फोड़ते हैl

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