Monday, May 22

जानिए ऐसे गाव जहां पर कभी नहीं होती चोरी , खुद शनिदेव करते हैं जिनकी रक्षा

2 ऐसे गांव जहां कभी नहीं लगते ताले, खुद शनिदेव करते हैं जिनकी रक्षा

 

हम आपको 2 ऐसे गावों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी रक्षा भगवान शनिदेव करते हैं। इन दोनों की गावों में कोई भी व्यक्ति अपने घरों में ताले नहीं लगाता। मान्यता है कि यहां शनिदेव के डर से कोई चोरी नहीं करता, क्योंकि ऐसा करने वाले को भगवान शनिदेव दण्ड देते हैं।

1. शनि शिंगणापुर (महाराष्ट्र) – भगवान शनि के सबसे खास मंदिरों में से एक है महाराष्ट्र के शिगंणापुर नामक गांव का शनि मंदिर। यह मंदिर महाराष्ट्र के अहमदनगर से लगभग 35 कि.मी. की दूरी पर है। इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यहां पर शनि देवी की प्रतिमा खुले आसमान के नीचे है। कई लोगों ने यहां पर मंदिर और छत बनाने की कोशिश की, लेकिन आज-तक कोई भी इस काम में सफल नहीं हो पाया। कहते हैं यहां की शनि प्रतिमा किसी ने बनाई नहीं बल्कि वह स्वयंभू है, इसलिए इसे बहुत ही खास माना जाता है।

यहां घरों में नहीं लगते तालें, शनिदेव करते हैं गांव की रक्षा – शिगंणापुर यहां की चमत्कारी शनि प्रतिमा के साथ-साथ एक और बात के लिए भी प्रसिद्ध है। इस गांव में मान्यता प्रचलित है कि यहां स्वयं भगवान शनि निवास करते हैं और वे ही गांव की रक्षा भी करते हैं। इसी मान्यता के चलते यहां कोई भी अपने घर-दुकान पर ताला नहीं लगाता। इसके बावजूद भी यहां कभी चोरी नहीं होती।

 

2 ऐसे गांव जहां कभी नहीं लगते ताले, खुद शनिदेव करते हैं जिनकी रक्षा

2. सताड़ा (गुजरात) – शनि शिगंणापुर की तरह ही गुजरात के एक गांव में भी यही मान्यता प्रचलित है। गुजरात में राजकोट के पास ही सताड़ा नाम का एक गांव है, जहां शविदेव का एक प्राचिन मंदिर स्थापित है। यहां शनि मंदिर को भैरवनाथ मंदिर और भगवान शनि को भैरव दादा के नाम से पूजा जाता है। शिगंणापुर ही तरह ही इस गांव में भी कई सालों से किसी के भी घर पर ताला नहीं लगाया गया क्योंकि यहां की रक्षा भी खुद शनि देव करते हैं और उन्हीं की कृपा से यहां कभी चोरी का डर नहीं रहता।

1800 के करीब हैं गांव की आबादी – यहां पर लगभग 300 पक्के मकान है और गांव की आबादी लगभग 1800 है। भैरवनाथ मंदिर गांव के निवासी क्षेत्र से लगभग 2 कि.मी. की दूरी पर स्थापित है। शनि का यह मंदिर पूरे गांव की आस्था और विश्वास का केन्द्र बना हुआ है।

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