Friday, February 24

नए साल पर हिंदुस्तान को मिला सबसे खूबसूरत तोहफा, खुश हो जाएगा पूरा देश

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पिछले ही हफ्ते, अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया था कि एनएसजी के पूर्व चेयरमैन राफेल मैरियानो ने दो पन्‍नों का एक दस्‍तावेज तैयार किया है।

इस मसौदे में जहां भारत को एनएसजी में शामिल करने की बात कही गई है वहीं पाकिस्‍तान को इससे बाहर रखने की वकालत की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका स्थित हथियारों के नियंत्रण संबंधी संगठन आर्म्‍स कंट्रोल असोसिएशन (ACA) ने इस बात की जानकारी दी है। हालांकि, इसके साथ ही संगठन ने चेताया है कि नए देशों को एनएसजी में शामिल करने के लिए नियमों में ढील देने से परमाणु अप्रसार को नुकसान पहुंचेगा।
इसमें यह स्‍पष्‍ट किया गया है कि किस तरह भारत और पाकिस्‍तान जैसे देश जिन्‍होंने परमाणु अप्रसार संधि (NPT) पर हस्‍ताक्षर नहीं किया है, वे एनएसजी में शामिल हो सकते हैं। बता दें कि मिस्‍टर राफेल, एनएसजी के वर्तमान चेयरमैन सॉन्‍ग यंग वान की तरफ से काम कर रहे हैं और उनके इस दस्‍तावेज को कमोबेश आधिकारिक दर्जा हासिल है।
एनपीटी में पाकिस्‍तान के शामिल होने के मामले में भारत उसका रास्‍ता नहीं रोके, इस खातिर मिस्‍टर राफेल ने एक प्रस्‍ताव दिया था। इसमें कहा गया था कि एक गैर एनपीटी मेंबर देश को इस बात पर सहमत होना चाहिए कि वह ऐसे किसी दूसरे गैर एनपीटी मेंबर देश के रास्‍ते में रुकावट नहीं बनेगा।

मिस्‍टर राफेल ने जो फॉर्म्‍युला सुझाया है, उससे पाकिस्‍तान को अलग रखने के कई कारण मौजूद हैं।

मिस्‍टर किम्‍बॉल ने कहा कि राफेल ने जो फॉर्म्‍युला सुझाया है, उसके आधार पर भारत यह दावा कर सकता है कि उसने सदस्‍यता की खातिर जरूरी सभी कदम उठा लिए हैं। इस वजह से भारत को एनएसजी में एंट्री मिल सकती है और पाकिस्‍तान इससे बाहर हो सकता है।

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