Monday, May 22

क्या समाजवादी पार्टी में झगड़े की जड़ यादव परिवार की इन दो औरतों ने शुरू की..?

यादव परिवार में चल रही है वर्चस्व की लड़ाई

सपा के अंदर इस समय वर्चस्व की लड़ाई चल रही है जो किसी के छुपाते नहीं छुप रही है, रविवार को राष्ट्रीय अधिवेशन में यूपी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पार्टी के महासचिव और कार्यकर्ताओं ने अपना बिग बॉस (नेता) चुन लिया है और मुलायम सिंह को भीष्म पितामह का रोल दे दिया गया है, जिसके बाद अब लड़ाई एसपी के चुनाव चिह्न ‘साइकिल‘ पर अटकी हुई नज़र आ रही हैl जिसके चलते हाल ही में मुलायम सिंह चुनाव आयोग से मिल चुके हैं, और रामगोपाल यादव 3 जनवरी को मिलने वाले हैंl

अक्टूबर 2016 से शुरू हुआ यादव परिवार का ये झगड़ा आज चुनाव आयोग की दहलीज तक जा पहुंचा हैl इसी दौरान इस कुनबे के झगड़े ने सपा परिवार की बातों को भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया हैl

आपको बता दें कि घर में चल रहे घमासान के बीच इन दिनों मुलायम के आदर्श यादव परिवार के बारे में मीडिया पर काफी कुछ लिखा और कहा जा रहा हैl इसी क्रम में एक न्यूज़ वेबसाइट ने लिखा है कि “इस झगड़े ने वृहद रूप तब धारण किया जब मुलायम की पत्नी और अखिलेश यादव की सौतेली माँ साधना गुप्ता और अखिलेश की पत्नी एवं सांसद डिंपल यादव के बीच में एक तगड़ा झगड़ा हुआl”

अखिलेश यादव ने साधना गुप्ता के परममित्र गायत्री प्रजापति को दिखाया था पार्टी से बाहर का रास्ता जिसके बाद डिंपल यादव हुई थी सौतेली सास के गुस्से का शिकार

आपको बता दें कि साधना गुप्ता ने उस समय अपना आपा खो दिया जिस समय अखिलेश ने मुलायम के करीबी और साधना गुप्ता के परममित्रों में से एक गायत्री प्रजापति को पार्टी से बाहर निकाल दियाl जिसके बात से नाराज़ होकर अपने गुस्से में सास साधना गुप्ता ने अखिलेश यादव की इस बात के लिए डिंपल को काफी कुछ सुना दिया, जिस पर डिंपल ने सौतेली सास साधना से कहा कि वे सरकार की बातें परिवार के बीच में न लाएं, जिस पर साधना और भड़क गईं और उन्होंने गुस्से में डिंपल को काफी कुछ ऐसा कह दिया जिसने सास-बहू की सारी मर्यादाओं को तार-तार कर दियाl

सास के इस प्रहार से बेहद आहत डिंपल ने इस बारे में पति अखिलेश को फोन पर बताया, जिसके बाद अखिलेश अपनी बीवी-बच्चों को लेकर मुलायम सिंह का घर छोड़कर अपने सरकारी आवास कालीदास मार्ग में आ कर शिफ्ट हो गए थेl

बता दें कि ये बात अक्टूबर की है, तब से पिता-पुत्र अलग रह रहे हैं और दोनों के बीच में केवल औपचारिक मुलाकातें होने लगीं, बाते ना होने से और पारिवारिक कलह के बढ़ने से ही आज सपा पार्टी दो गुटों में दिखाई दे रही हैl

अब ये देखना खासा दिलचस्प होगा कि यादव परिवार के वर्चस्व की इस लड़ाई में आखिरकार जीत किसके हाथ लगेगी और सत्ता किसके?

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