Monday, May 22

अरब देशों से निकल कर, यूरोप में अपनी जड़े मजबूत करने के बाद अब भारत में आ गया है ये घिनौना खेल…

इस्लाम के नाम पर खेला जाता हैं एक ऐसा घिनौना खेल जिसकी हैवानियत की बलि चढ रही हैं हजारों महिलाए

क्या कभी सोचा है कि परंपरा के नाम पर भी कोई लड़की यौन उत्पीड़न की शिकार हो सकती है..? इस सवाल का जवाब है हां और ऐसा कही और नहीं बल्कि अरब के कुछ देशों में ऐसा आज भी होता है और इसे वहां ‘तहर्रुश गेमिया’ के नाम से जाना जाता हैl

जी हाँ शायद ये सुनने में आपको किसी अन्य खेल की तरह लग रहा होगा लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी की सार्वजनिक स्थलों पर खेले जाने वाले इस खेल में एक अकेली गैर मुस्लिम लड़की के साथ न केवल यौन रूप से प्रताड़ित किया जाता है बल्कि बक़ायदा सामूहिक बलात्कार किया जाता हैl आपको शायद सुन कर झटका लगेगा कि ये इस्लाम की एक ऐसी घिनौनी परंपरा है जो अरब देशों से निकलकर यूरोप में पूरी तरह अपने पैर पसार चुकी हैं और अब भारत है इसके अगले निशाने परl

जो लोग इस्लाम की दुहाई देते हुए उसे पाक साफ बताते हैं आज हम आपको इस पोस्ट के द्वारा इस बात से अवगत कराने जा रहे हैं कि इस्लाम में धर्म के नाम पर कितना घिनौना काम होता हैl पता नहीं परंपरा की आड़ में ऐसा घिनौना काम करने की इजाज़त आखिर इस्लाम देता ही क्यों है और साथ ही इस्लाम में औरतो की क्या इज्जत है…

इस्लाम में ‘तहर्रुश परंपरा’ की आड़ में पुरुष महिलाओं के साथ करते है जबरन सामूहिक बलात्कार

आपको बता दें कि इस्लाम के इस परंपरा के अनुसार ’तहर्रुश’ को सिर्फ सार्वजनिक रूप से ही अंजाम दिया जाता हैl ऐसा प्रदर्शनों के दौरान या फिर बड़ी संख्या में जमा हुई भीड़ के बीच ही किया जाता हैl ‘तहर्रुश’ एक तरह का महिलाओं का यौन उत्पीड़न (सेक्शुअल हैरसमेंट) होता हैl इसमें बलात्कार, पिटाई, नाम बुलाना, जबर्दस्ती छूना, यौन आमंत्रण और लूट को अंजाम दिया जाता हैl

वीडियो में देखिये कैसे हजारों की भीड़ इस्लाम के नाम पर महिलाओं के साथ करती हैं ये घिनौनी हरकत…

इस उत्पीड़न को भीड़ के साथ बड़े इवेंट्स, रैली, प्रदर्शन, कॉन्सर्ट या पब्लिक इवेंट्स के दौरान किया जाता है जहाँ पुरुषों की भीड़ सबसे पहले पीड़ित महिला के आसपास एक घेरा बना लेती हैl जिसमे से वे सार्वजनिक रूप से कुछ महिला का यौन उत्पीड़न करते हैं जबकि बाकी बाहरी लोगों को दूर हटाने का काम करते हैl कुछ पुरुष तो सरेआम महिलाओं से हो रहे सामूहिक रेप की घटना को देख भी रहे होते हैंl ये देखा गया है कि इस तरह की घटना की पीड़ित महिला अचानक हुए इस हमले से ‘स्टेट ऑफ शॉक’ की हालत में पहुंच जाती है और किसी तरह का जवाब नहीं दे पाती हैl जिसके चलते कानून अपनी कारवाही नहीं कर पता और आरोपियों को उनके इस जुर्म की सजा नहीं मिल पाती हैl

आपको बता दें कि खेल की आड़ में हैवानियत का नंगा नाच जो पहले अरब देशों से निकल कर यूरोप में पंहुचा और वो अब भारत में भी जड़े जमाने लगा हैl

नए साल पर बैंगलोर से आई घटना जहाँ हजारों पुरुषों ने महिलाओं के साथ किया यौन उत्पीड़न कही भारत में भी ‘तहर्रुश गेमिया’ की दस्तक तो नहीं

हाल ही में नये साल पर जर्मनी में कई जगह ऐसी घटनाओं के होनी की ख़बर मिली जहाँ कई बेकाबू मुस्लिम पुरुषों ने भीड़ की आड़ में गैर मुस्लिम महिलाओं को शिकार बनाते हुए सामूहिक रूप से उनका यौन उत्पीड़न किया बाद में पता लगा कि जिन लोगों ने ये घिनौना काम किया दरअसल वे लोग जर्मनी के नहीं बल्कि मुस्लिम देशों के थेl

भारत में जो हाल ही में 31 दिसंबर की रात बैंगलोर में जो अमानवीय घटना सामने आई जहाँ हजारों की संख्या में पुरुषों ने महिलाओं के साथ ऐसा ही कुछ घिनौना काम किया था जिसे अब कुछ लोग ‘तहर्रुश गेमिया’ के साथ ही जोड़कर देख रहे हैंl अगर वाकई ये इस्लाम की हैवानियत भरी परंपरा के नाम पर हुआ था तो भारत को अब सावधान होने की जरुरत हैं कही ऐसा न हो कि ये बेहद घिनौनी परंपरा भारत में भी फ़ैल जायेl

अरब में प्रचलित यह ‘खेल’ पश्चिमी जगत में पहली बार तब सुर्खियों में आया जब 2011 में CBS के लिए काम करने वाली साउथ अफ्रीकन रिपोर्टर लारा लोगन को तहरीर स्क्वेयर पर जश्न मना रही भीड़ ने उठा लियाl लोगन ने कुछ महीने बीतने के बाद 60 मिनट के ब्रॉडकास्ट में आपबीती सुनाईl उन्होंने अपने दर्द को इन शब्दों से बयान किया, ‘भीड़ ने अपने हाथ से मेरा बलात्कार कियाl’ 44 साल की इस रिपोर्टर ने फरवरी 2011 की घटना के बारे में बताया कि 200 लोगों की भारी भीड़ में से एक शख्स ने चिल्लाकर कहा कि इसके कपड़े उतारो… इसके बाद वह अपने क्रू से अलग हो गई थीl लारा ने कहा, ‘इसके तुरंत बाद मुझे मालूम हुआ कि मेरे साथ हो क्या रहा हैl हाथ मेरे ब्रेस्ट को छू रहे थे, मुझे काट रहे थे, भीड़ मुझे पकड़े हुए थीl वह एक आदमी नहीं था। मैं एक हाथ से दूसरे हाथ और दूसरे से तीसरे हाथ में जा रही थीl’

इसके बाद यह ‘खेल’ सुर्खियों में तब आया जब 2014 में अब्द अल फ़तह अल-सीसी के मिस्र का राष्ट्रपति बनने पर तहरीर चौक पर मनाए जा रहे जश्न की घटना सामने आई। इस घटना में तहरीर चौक पर पुरुषों का एक समूह एक महिला के कपड़े उतारते हुए और उस पर यौन हमला करते हुए दिख रहा थाl इस दृश्य, लारा लोगन की आपबीती और बेंगलुरु की घटना की आंखों देखी सुनने के बाद मन में शंका हुई कि कहीं बेंगलुरु में जो हुआ वह कुछ-कुछ ‘तहर्रुश’ सा तो नहीं..? अब ये एक बड़ा सवाल उठ रहा हैl

सरकार को चाहिए कि इस विषय की जांच करे क्योंकि जब ‘तहर्रुश’ की आंच पश्चिम के देशों तक पहुंच सकती है तो भारत तक आने में उसे कितना समय लगेगा…

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